भारत की सबसे बड़ी नदी कौन सी है | Bharat ki sabse lambi nadi

आज की पोस्ट में हमने आपको भारत की सबसे बड़ी नदी कौन सी है, bharat ki sabse lambi nadi kaun si hai, भारत की सबसे लंबी नदी की जानकारी देते हुए 10 सबसे बड़ी नदियों के बारे में बताया है।

मानव जीवन का आरंभ और अंत पानी पर निर्भर होता है नदियां जल का एक महत्वपूर्ण स्तोत्र होती है, पृथ्वी पर जीवन जल के बिना अकल्पनीय है, नदियां पृथ्वी पर सामाजिक आर्थिक धार्मिक विकास के लिए आशीर्वाद है।

खेतों को हरा भरा रखना पानी से ही संभव है। भारत में धार्मिक आयोजनों से पहले नदी स्नान का अपना अलग ही महत्व है। प्रमुख संस्कृति हड़प्पा सिंधु घाटी की सभ्यता का विकास भी नदी किनारे ही हुआ था,

कुदरत का करिश्मा देखिए कि हर छोटी बड़ी नदी आपस में मिलते हुए समुद्र में मिल जाती है और एक विशाल जल भंडार का निर्माण हो जाता है, ज्यादातर नदियां पूर्व की ओर बढ़ते हुए बंगाल की खाड़ी में विलीन हो जाती हैं तथा कुछ पश्चिम से बहती हुई अरब सागर में।

इसलिए मनुष्य जीवन के लिए नदियां काफी ज्यादा महत्व रखती है आज की इस पोस्ट में हमने आपको भारत की 10 सबसे बड़ी नदियां कौन सी है इसकी जानकारी दी है,

अगर आप भारत की 10 बड़ी नदियां कौन सी है इसकी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारी इस पोस्ट को पूरा अवश्य पढ़ें।

भारत की सबसे बड़ी नदी कौन सी है | Bharat ki sabse lambi nadi

भारत के अंदर मौजूद सभी नदियों की बात की जाए तो लगभग 200 से अधिक नदियां हमारे भारत में पाई जाती है जिनमें कुछ छोटी नदियां होती है और कुछ बड़ी नदियां देखने को मिलती है,

भारत की सबसे बड़ी नदी कौन सी है

आज की पोस्ट में हमने आपको यहां पर भारत की 10 सबसे बड़ी नदियां कौन सी है इसकी जानकारी दी है तो आइए जानते हैं कौन सी हेल्प है 10 भारत की सबसे बड़ी नदियां:-

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No 1: महानदी

महानदी लगभग 855 किलोमीटर लंबी है और यह सिहावा, (रायपुर छत्तीसगढ़) से निकलती है और इसकी सहायक नदियों की बात की जाए तो वह कुछ इस तरह से हैं,

धमतरी,
कांकेर,
चारामा,
रीजम,
चंपारण,
आरंग,
शिरपुर,
शिवरीनारायण,
पैरी,
सोनपुर,
शिवनाथ,
हसदेव,
अर्पा,
जोक
आदि।

महानदी का जल बहाव अंत में जाकर बंगाल की खाड़ी में मिल जाता है, इस नदी पर बने प्रमुख बांध रुद्री, गंगरेल तथा हीर कुंड है।

No 2: नर्मदा नदी

नर्मदा नदी को हमारे भारत में रेवा नदी के नाम से भी जाना जाता है, यह नदी मध्य प्रदेश के गुजरात में बहने वाली एक प्रमुख नदी मानी जाती है। अमरकंटक किस नदी का उद्गम स्थान है।

नर्मदा नदी 1312 किलोमीटर लंबी है। मध्यप्रदेश में इसका धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा है, यह भारतीय उपमहाद्वीप की पांचवी सबसे लंबी नदी मानी जाती है, यह मध्य प्रदेश की जीवन रेखा भी मानी जाती है।

यह नदी अरब सागर से मिलती है। नर्मदा को एक दिव्य नदी भी माना जाता है, इस नदी का वर्णन विष्णु अवतार वेदव्यास जी ने स्कंद पुराण के रेवा खंड में किया है।

नर्मदा नदी को भगवान शिव से मिले वरदान को जाने

इसको भगवान शिव से जो वरदान प्राप्त हुए हैं, वह अन्य किसी भी तीर्थ या जल स्तोत्र को नहीं मिले हैं, और इसी दो वरदान मिले हैं वह कुछ इस तरह से हैं।

  1. प्रलय में भी नाश ना हो।
  2. एकमात्र पापनाशिनी (अब अवधि समाप्त)
  3. हर पाषाण बिना प्राण प्रतिष्ठा के भी शिवलिंग के रूप में पूजनीय।

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No 3: यमुना नदी

यह नदी गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदियों में गिनी जाती है, इसका उद्गम यमुनोत्री गढ़वाल नामक जगह से होता है और प्रयाग में यह नदी गंगा में मिल जाती है।

इसकी सहायक नदियों में चंबल छोटी सिंधु सिंगर बेतवा व केन उल्लेखनीय है, तटवर्ती नगर दिल्ली आगरा और मथुरा है ब्रज की संस्कृति में यमुना नदी का महत्व शब्दों द्वारा अभिव्यक्त करना संभव नहीं है, यमुना नदी 1376 किलोमीटर लंबी है इसका जल संभर 367223 किलोमीटर है।

No 4. कृष्णा नदी

इसका नाम दक्षिण भारत की महत्वपूर्ण नदियों में शामिल है, इस नदी का बहाव पश्चिम घाट महाबलेश्वर के समीप से होता हुआ कर्नाटक राज्य की सीमा की ओर यह नदी बहती है,

इसकी लंबाई लगभग 1400 किलोमीटर है, और कृष्णा नदी का जल बहाव आखरी में जाकर बंगाल की खाड़ी में गिर जाता है,

कृष्णा नदी व मूसी नदी के किनारे एक बहुत बड़ा डेल्टा है, कृष्णा नदी पर जो दो जल प्रताप है, उनका नाम क्रमशाह शिवसमुद्रम जलप्रपात तथा श्रीरंगपट्टनम जल प्रताप है, शिव समुद्र जल प्रताप से सर्वाधिक मात्रा में जल विद्युत पैदा की जाती है।

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No 5: गोदावरी नदी

गोदावरी नदी: इसके नाम में ही महत्त्व झलकता है, इसका नाम दक्षिण की गंगा भी है, इसकी उप नदियां प्राणहिता, इंद्रावती और मंजीरा है, इसकी लंबाई लगभग 1465 किलोमीटर है, इसका उद्गम स्थान त्र्यंबक नामक पहाड़ी है, जो कि पश्चिम में स्थित है,

महर्षि गौतम ने गोदावरी नदी के तट पर एक घोर तप किया था जिसके कारण इस नदी का नाम बाद में गौतमी पड़ गया था और आज इसे गौतमी के नाम से भी जाना जाता है,

गोदावरी नदी की कुल 7 धाराएं हैं जो कुछ इस तरह से हैं।

गौतमी,
वशिष्ठा,
कौशिकी,
अत्रे व् ,
वृद्धगौतमी तुल्य,
भारद्वाज जी

इन सभी का वर्णन हमें पुराणों में पढ़ने को मिल जाता है।

No 6: गंगा नदी – भारत की सबसे बड़ी नदी

इसको हम भारत की शान कहे तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी, पूरा भारत देश सामाजिक व आर्थिक रूप से ही नहीं बल्कि भावनात्मक रूप से भी मां गंगा से जुड़ा है,

गंगा नदी कुल 2525 किलोमीटर का सफर भारत व बांग्लादेश से तय करती है, हिमालय से लेकर बंगाल की खाड़ी के सुंदरवन तक विशाल भूभाग की सिंचाई गंगाजल से ही होती है,

भारत में इसकी यात्रा 2071 किलोमीटर की है, बिहार के भागलपुर से होते हुए कीट हर जिले में जब यह प्रवेश करती है तो इसे उत्तरायण गंगा कहां जाता है,

इसके संगम को तृमोहिनी संगम कहते हैं, इसकी गहराई लगभग 100 फीट है, गंगा नदी के तट पर जो धार्मिक व तीर्थ स्थल हैं उनको भारतीय समाज में विशेष सम्मान दिया जाता है,

गंगा नदी के जल में बैक्टीरियोफेज नामक विषाणु के होने से हानिकारक सूक्ष्मजीवों का जीवन संभव नहीं है। पर वर्तमान समय में गंगाजल के दूषित होने से नहीं रोक पा रही सरकार, इसके शुद्धिकरण का हर संभव प्रयास कर रही है, गंगाजल को अति उत्तम जल माना जाता है।

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No 7: ब्रह्मपुत्र नदी – River brahmaputra

ब्रह्मपुत्र नदी आंगसी ग्लेशियर से निकलती है, यह नदी हिमालय के उत्तर में तिब्बत के पुंछ जिले के निकट से भारत के अरुणाचल प्रदेश से गुजरती है, वहां इसे डिहं के नाम से जानते हैं,

ब्रह्मपुत्र नदी की लंबाई 2900 किलोमीटर है, इसकी गहराई अधिकतम 318 मीटर है, आसाम घाटी से बहते हुए जब यह बांग्लादेश में प्रवेश करती है, तब इसे जमुना कहा जाता है,

गंगा से ब्रह्मपुत्र के संगम को मेघना कहते हैं, यह सुंदरवन डेल्टा का निर्माण करके बंगाल की खाड़ी में मिलती है।

No 8: सिंधु नदी भारत की सबसे लंबी नदी

दुनिया की सबसे बड़ी नदी घाटियों में प्रमुख नाम सिंधु नदी प्रणाली का है, यह 11 लाख 65 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्रों की यात्रा करती है, (भारत में 321279 वर्ग किलोमीटर) इसका उद्गम तिब्बत के कैलाश पर्वत श्रंखला से बोखार-चू ग्लेशियर के पास से है,

तिब्बत में यह शेर के मुंह के नाम से जानी जाती है, यह लद्दाख सीमा को पार करती हुई जम्मू कश्मीर में गिल गिल के पास से दर्दीस्तान क्षेत्र में चिल्लर के पास पाकिस्तान में प्रवेश करती है,

इसकी सहायक नदियां जो हिमालय से प्राप्त हैं उनके नाम कुछ इस तरह से हैं,

श्योक,
गिलगित,
जासकर,
हुंजा,
नुब्रा,
सीकर,
गस्टिग,
द्आस

और काबुल ,खुर्रम ,दोची,गोमई ,विवो, संगर दाहिने किनारे से प्राप्त नदियां हैं, सिंधु नदी का बहाव दक्षिण की ओर रहता है, पंच नद (पंजाब की पांच नदियां-सतलुज ,ब्यास राबि,जेनाब, झेलम) से मिलती हुई यह नदी अंत में अरब सागर से मिल जाती है।

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No 9: ताप्ती नदी

यह नदी मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई से होकर सतपुड़ा पर्वत क्षेत्रों के बीच से बहती हुई महाराष्ट्र के मैदानी इलाकों को पार करती है और आखिरी में जाकर यह गुजरात में खंभात की खाड़ी अरब सागर में मिलती है,

इसका उद्गम स्थान मुलताई है भारत की 2 प्रमुख नदियों (नर्मदा नदी और माही नदी) की तरह यह भी पूर्व से पश्चिम की तरफ बहती है, इसका एक नाम सूर्यपुत्री भी है,

यह नदी 724 किलोमीटर के लगभग लंबी है, सूरत का बंदरगाह ताप्ती के मुहाने पर स्थित है, पूर्ण उपनदी इसकी प्रधान उपनदी है, इसके मूल स्थान मुलताई में व सीमावर्ती इलाकों में 7 बड़े कुंड बने हैं जो निम्नलिखित नामों से प्रचलित है-

  1. सूर्य कुंड
  2. ताप्ती कुंड
  3. धर्म कुंड
  4. पाप कुंड
  5. नारद कुंड
  6. शनि कुंड
  7. नागा बाबा कुंड

इन सभी कुंडों के बारे में अलग-अलग कहानियां प्रचलित हैं।

No 10: कावेरी नदी

कावेरी नदी का उद्गम स्थान कर्नाटक राज्य का ब्रम्हगिरी पर्वत है, यह 1320 मीटर की ऊंचाई पर है यह नदी अपने उद्गम स्थान पर छोटे से झरने जैसी दिखती है,

झरने से छोटा तालाब फिर बड़ा तालाब और देखते ही देखते कावेरी नदी एक बहुत विशाल रूप ले लेती है, इसकी लंबाई लगभग 765 मीटर है, इस नदी पर कर्नाटक में कृष्णराज सागर नामक बांध वह तमिलनाडु में मेट्टूर बांध और कावेरी डेल्टा बना हुआ है,

सिमसा ,हेमवती, भवानी इसकी उप नदियां हैं, हिंदुओं का प्रमुख तीर्थ तिरुचिरापल्ली इसी नदी के किनारे बसा है, कर्नाटक और तमिलनाडु में इसके जल को लेकर विवाद है, उसे कावेरी जल विवाद कहते हैं,

इसे दक्षिण भारत की गंगा भी कहते हैं कविता नागराज की कविताओं में कावेरी नदी का उल्लेख किया गया है और विष्णु पुराण में इसका वर्णन विस्तृत रूप में मिलता है,

इसके द्वीपों पर आदि रंगम, शिवसमुद्रम व विष्णु भगवान के वैभवशाली मंदिर बने हैं, मैसूर का वृंदावन गार्डन भी इसी नदी के किनारे बना है,

प्राचीन काल में जब यातायात के बहुत ज्यादा साधन उपलब्ध नहीं थे तब यातायात की सुविधा के कारण देश के अधिकांश नगर व्यापारिक दृष्टिकोण से नदियों के किनारे ही विकसित हुए थे, धार्मिक स्थलों पर नजर डालें तो वह भी किसी ना किसी तरह नदी से ही संबंधित है।

भारत की नदियों की कुल लंबाई | Nadiyon ke naam

नदी का नामलंबाई (कि.मी)
महानदी855
नर्मदा नदी1312
यमुना नदी1376
कृष्णा नदी1400
गोदावरी नदी1465
गंगा नदी2525
ब्रह्मपुत्र नदी2900
सिंधु नदी2900
ताप्ती नदी724
कावेरी नदी800

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FAQ’s

Q1: गोदावरी नदी को गौतमी क्यों कहते हैं?

Ans: गोदावरी नदी को गौतमी इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां पर एक समय पर महर्षि गौतम ने घोर तप किया था इसके बाद गोदावरी नदी का नाम गौतमी रखा गया था।

Q2: गंगा नदी की गहराई कितनी है?

Ans: लगभग 100 फीट।

Q3: भारत की सबसे बड़ी नदी कौन सी है?

Ans: गंगा नदी

Q4: विश्व की सबसे बड़ी नदी कौन सी है?

Ans: नील नदी

Q5: Ganga nadi kahan se nikalti hai?

Ans: गंगोत्री हिमनद

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Conclusion: आखरी शब्द

आज की पोस्ट में हमने आपको भारत की सबसे बड़ी नदी कौन सी है, bharat ki sabse lambi nadi kaun si hai, भारत की सबसे लंबी नदी की जानकारी देते हुए 10 सबसे बड़ी नदियों के बारे में बताया है, अगर आप भारत की सबसे बड़ी नदियों के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारी इस पोस्ट को पूरा अवश्य पढ़ें,

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लेखक का नाम – प्रेरणा

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