Discover india: Bharat ki khoj kisne ki thi

Discover india: आज की पोस्ट में हम जानेंगे Bharat ki khoj kisne ki thi, भारत की खोज किसने की थी और कब की गई थी, वैसे तो हर किसी ने अपने स्कूल टाइम में इसके बारे में पहले से पढा हुआ है,

पर अगर हम आज की बात करें तो आज लगभग 50% ही ऐसे लोग होंगे जिन्हें यह मालूम होगा कि भारत की खोज किसने और कब की थी, हमने जब गूगल पर इस सवाल को सर्च किया तो हमारे सामने इस सवाल से संबंधित ऐसे बहुत से सवाल आ गए जो कि लोग गूगल पर सर्च कर रहे है, जैसे कि:

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अगर दोस्तों आप भी कुछ इसी तरह का सवाल गूगल पर सर्च कर रहे हैं तो अब आप की तलाश खत्म हो चुकी है, क्योंकि यहां पर हमने आपको (Discover india) भारत की खोज से संबंधित हर जानकारी दी है,

और अगर आप एक भारतीय हैं तो आपको इस सवाल का जवाब अच्छे से मालूम होना चाहिए कि भारत की खोज कब और किसने की थी, अगर आप भारत की खोज के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारी इस पोस्ट को पूरा अवश्य पढ़ें।

Discover india: Bharat ki khoj kisne ki thi |
भारत की खोज किसने की थी

भारत की खोज 20 मई 1498 ईस्वी में एक समुद्री खोजकर्ता पुर्तगाल के निवासी “वास्कोडिगामा” ने की थी, वास्कोडिगामा अपने 4 नाविक साथियों के साथ मिलकर समुद्र के रास्ते होते हुए भारत के राज्य केरल के कालीकट बंदरगाह पर पहुंचे थे और उस वक्त केरल के राजा “जमोरिन” ने वास्कोडिगामा और उनके साथियों का स्वागत किया था,

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पर यहां दोस्तों सवाल एक यह भी उठता है कि क्या वास्कोडिगामा के भारत आने से पहले भारत का कोई अस्तित्व नहीं था, क्या भारत को कोई नहीं जानता था,

यहां पर यह कहना बिल्कुल गलत होगा कि वास्कोडिगामा के भारत आने से पहले भारत का कोई अस्तित्व नहीं था, क्योंकि वास्कोडिगामा से पहले भारत में बहुत से आक्रमणकारी, मंगोलियन और बहुत से अरब के लोग आ चुके थे, पर यह सभी लोग समुद्र के मार्ग से नहीं आए थे उन्होंने भारत में आने के लिए जमीनी मार्ग खोजा था,

पर वास्कोडिगामा समुद्री मार्ग को खोजते हुए भारत पहुंचे थे और इसीलिए आज भारत की खोज का पूरा श्रेय वास्कोडिगामा को ही जाता है।

दोस्तों भारत में बाहर देशों के इन सभी व्यक्तियों के आने से पहले हमारा भारत सोने की चिड़िया कहलाता था, हमारा भारत उस समय सभी देशों की तुलना में सबसे समृद्ध और शक्तिशाली देश हुआ करता था,

पर धीरे धीरे बाहरी देशों के लोग हमारे देश में आकर काम करने लगे थे और हमारे देश को अंदर ही अंदर खोखला करने लगे थे, वास्कोडिगामा के भारत को खोज लेने के बाद कई यूरोपियन नागरिक भारत से बहुमूल्य चीजें बाहर ले जाकर बेचने लगे थे,

दोस्तों जब हर देश की नजर भारत की तरफ पड़ रही थी उस वक्त हमारे देश में ब्रिटिश लोगों ने हमारी भारतीय राजनीति में दखलअंदाजी करना शुरू कर दिया था और देखते ही देखते उन्होंने हमारे भारत पर कब्जा कर लिया था,

पर आज हमारा देश ब्रिटिश शासन से आजाद हो चुका है और उसका पूरा श्रेय हमारे देश के सुरवीरों को जाता है,

मुझे उम्मीद है आपको पता चल गया होगा कि भारत की खोज किसने और कब की थी।

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वास्कोडिगामा के बारे में जाने

वास्कोडिगामा का जन्म 1469 ईस्वी में पुर्तगाल के साईनेस गांव के अंदर हुआ था, वास्कोडिगामा एक समुद्री खोज करता थे जो समुद्री यात्राएं किया करते थे और भारत की खोज का पूरा श्रेय वास्कोडिगामा को ही जाता है,

वास्कोडिगामा ने भारत की कुल 3 यात्राएं की थी, जिनकी यहां पर हमने आपको विस्तार से जानकारी दी है,

आखिर में दोस्तों जब यह अपनी तीसरी यात्रा के दौरान 1524 ईस्वी के अंदर भारत आए थे, उस वक्त यह मलेरिया से ग्रसित हो गए थे और मलेरिया से ग्रसित होने के कारण भारत के कोच्ची शहर के अंदर 24 मई 1524 ईस्वी में वास्कोडिगामा की मृत्यु हो गई थी।

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भारत की खोज की जानकारी दुनिया के सामने किसने रखी थी?

दोस्तों आज हम हमारी प्राचीन संस्कृति से लेकर प्राचीन काल की हर एक बात की जानकारी प्राचीन काल के लिखे हुए किताबों को पढ़कर हासिल करते हैं और भारत की खोज की जानकारी भी हमें कुछ इसी प्रकार से प्राप्त हुई थी,

दरअसल “पंडित जवाहरलाल नेहरू” स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 1944 ईस्वी में अहमदनगर के किले के अंदर कैद हो गए थे और उसी दौरान पंडित जवाहरलाल नेहरू ने “भारत की खोज” नामक एक किताब लिखी थी जिसे हम “Discovery of India” के नाम से भी जानते हैं,

इस किताब को नेहरु जी ने अंग्रेजी भाषा के अंदर लिखा था, जिसे बाद में हिंदी के साथ साथ बहुत सी अन्य भाषाओं में लिखा गया था और इसी किताब के अंदर नेहरू जी ने भारत की खोज का काफी अच्छे से जिक्र किया हुआ है, इसी किताब से हमें भारत की खोज की पूरी जानकारी प्राप्त हुई है।

मुझे उम्मीद है अब आपको पता चल गया होगा कि भारत की खोज की जानकारी दुनिया के सामने किसने रखी थी।

FAQ’s

Q1: वास्कोडिगामा कौन था?

Ans: वास्कोडिगामा एक समुद्री खोजकर्ता थे।

Q2: वास्कोडिगामा भारत कब आया था?

Ans: 20 मई 1498 ईस्वी

Q3: भारत की खोज का पूरा श्रेय किसको जाता है?

Ans: वास्कोडिगामा

Q4: वास्कोडिगामा की मृत्यु कब हुई थी?

Ans: 24 मई 1524 ईस्वी

Q5: “भारत की खोज” नामक किताब किसने लिखी थी?

Ans: पंडित जवाहरलाल लाल नेहरू

Q6: वास्कोडिगामा ने भारत की कितनी यात्राएं की थी?

Ans: वास्कोडिगामा ने भारत की कुल 3 यात्राएं की थी।

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Conclusion:

आज की पोस्ट में हमने आपको “Discover india: Bharat ki khoj kisne ki thi और कब की गई थी”, इससे संबंधित जानकारी दी है अगर आप भारत की खोज से संबंधित जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारी इस पोस्ट को पूरा अवश्य पढ़ें,

इस पोस्ट से संबंधित अगर आपके कोई भी सवाल हैं तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ भी जरूर साझा करें,

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