Life is struggle in hindi | रुकावटो पर जीत हासिल कैसे करें

नमस्कार दोस्तों, आज की पोस्ट (Life is struggle in hindi) में हम हमारी जिंदगी में आने वाली रुकावटो के ऊपर बात करेंगे, दोस्तों हर किसी की जिंदगी में एक पल ऐसा आता है जब वह किसी काम को कर रहा हूं जैसे कि आप स्टूडेंट हो और स्टडी कर रहे हैं या फिर आप एक बिजनेसमैन है और कोई बिजनेस कर रहे हैं तो कोई भी काम करते हुए बीच में किसी चीज को लेकर अटक जाते हैं तो उसे ही हम रुकावट कहते हैं,

मुश्किलों को देखकर हारे नहीं

दोस्तों अगर आपको नहीं पता तो मैं आपको बता दूं रुकावट शब्द हर एक सक्सेसफुल इंसान के जिंदगी से जुड़ा हुआ है, क्योंकि जो इंसान रुकावटो का सामना करते हुए अपनी जिंदगी में आगे बढ़ा है वहीं एक सक्सेसफुल पर्सन है,

Life is struggle in hindi

दोस्तों आप में से अभी काफी लोगों के मन में एक सवाल होगा, कि ऐसा क्यों रुकावट का सामना करने वाला ही सक्सेसफुल इंसान क्यों है, तो यहां मैं आपको बता दूं कि इस टॉपिक को मैंने आपके साथ डिटेल में शेयर किया है जिसे आप इस आर्टिकल की मदद से पूरा पढ़ कर समझ सकते हैं,

रुकावटो पर जीत हासिल कैसे करें (Life is struggle in hindi)

दोस्तों आज के टाइम में मोबाइल फोन का इस्तेमाल हर कोई करता है, इसीलिए यहां एग्जांपल के तौर पर हमने मोबाइल का इस्तेमाल किया है,

दोस्तों मान लीजिए कि 3 बड़े इंजीनियर हैं, जिनके हम एग्जांपल के तौर पर यहां अलग अलग नाम रख लेते हैं ताकि उन्हें समझने में आपको कोई भी प्रॉब्लम ना हो,

  1. ओमप्रकाश
  2. बृजमोहन
  3. जतिन

दोस्तों तीनों इंजीनियर जिस कंपनी के लिए काम करते थे उस कंपनी द्वारा इन तीनों को स्मार्टफोन बनाने का काम दिया गया और उनसे कहा कि आपको मोबाइल बनाने में एक दूसरे की मदद नहीं करनी है आपको अलग-अलग काम करके स्मार्टफोन बनाना है और साथ ही आपको एक ऐसा स्मार्टफोन बनाना है जिसमें काफी कम लागत लगे और काफी कम बजट में हमारा स्मार्टफोन दूसरी बड़ी कंपनियों को टक्कर दे सके और उसमें सभी फीचर्स अवेलेबल हो जो कि आज की पब्लिक एक सस्ते स्मार्टफोन में चाहती है,

दोस्तों इसके बाद ओमप्रकाश से पूछा गया कि क्या तुम ऐसा स्मार्टफोन बना सकते हो जो कि कम लागत में बने,

  • ओमप्रकाश ने कहा कि ऐसा तो बिल्कुल भी पॉसिबल नहीं है अगर हम आज के टाइम को देखते हुए एक अच्छा स्मार्टफोन बनाना चाहे तो उसमें काफी पैसा लग जाएगा, सस्ता स्मार्टफोन कम लागत में बनाना नामुमकिन है, दोस्तों इस तरह ओमप्रकाश ने इस काम के लिए मना कर दिया,

इसके बाद बृजमोहन से पूछा कि क्या तुम इस तरह का कोई मोबाइल बना सकते हो, उसने कहा कि

  • यह तो मेरे बाएं हाथ का खेल है मैं काफी जल्दी आपको ऐसा स्मार्टफोन बना कर दे दूंगा जो कि काफी कम लागत में बनेगा,

दोस्तों इसके बाद जतिन से पूछा गया कि तुम क्या कहते हो, क्या ऐसा मोबाइल कम लागत में बन सकता है,

  • जतिन ने कहा कि मैं कोशिश कर सकता हूं इस काम को करने के लिए,

दोस्तों इसके बाद कंपनी के मैनेजर ने बृजमोहन और जतिन को मोबाइल बनाने का काम सौंप दिया,

दोस्तों दोनों ने अपना काम स्टार्ट कर दिया था मोबाइल के ऊपर वह वर्क करने लगे थे और काफी जल्दी सिर्फ 10 दिन में बृजमोहन ने अपना मोबाइल तैयार भी कर लिया,

बृजमोहन ने अपना मोबाइल बनाने के बाद अपनी कंपनी में ले जाकर दिखाया और उनसे कहा, कि जैसा आपने कहा था वैसा मोबाइल बना दिया है जो कि काफी कम लागत से यह बनाया गया है, क्योंकि इसमें काफी कम खर्चा हमें बनाने में आया है,

दोस्तों इसके बाद कंपनी मैनेजर ने कहा कि ठीक है हम आपके इस मोबाइल को टेस्टिंग के लिए भेज देते हैं अगर यह टेस्टिंग में पास हो जाता है तो इस मोबाइल को मार्केट में लॉन्च कर दिया जाएगा,

दोस्तों पर अब अगर हम जतिन की बात करें तो उसका मोबाइल अभी तक नहीं बना था क्योंकि वह उस मोबाइल में हर बार कहीं ना कहीं अटक रहा था उसे काफी रुकावटो का सामना करना पड़ रहा था क्योंकि वह अपने मोबाइल को मार्केट में सबसे अच्छा साबित करने में लगा था और उसकी हर एक कमी को बारीकी से जांच रहा था और वह अपने मोबाइल को अच्छा बनाने के लिए काफी जी तोड़ मेहनत कर रहा था और उसके लिए उसे थोड़ा और टाइम चाहिए था,

दोस्तों जहां बृजमोहन ने अपने मोबाइल को 10 दिन में ही बना लिया था वही जतिन ने मोबाइल बनाने में 2 महीने का टाइम ले लिया और आखिरकार उसने 2 महीने की कड़ी मेहनत के बाद अपना काम पूरा किया और एक अच्छा सस्ता स्मार्टफोन बना लिया,

दोस्तों इसके बाद जतिन ने भी अपना मोबाइल कंपनी के मैनेजर को देखकर टेस्टिंग पर भेज दिया, दोस्तों इसके बाद दोनों के ही मोबाइल टेस्टिंग में पास होकर बाहर आ गए,

ज्ञानवर्धक जानकारी- दोस्तों अब अगर आपसे पूछा जाए की, 10 दिन में बनने वाला मोबाइल अच्छा रहेगा या 2 महीने में बनने वाला मोबाइल अच्छा रहेगा, हमें कमेंट में जरूर बताएं।

दोस्तों जैसे ही उन दोनों के मोबाइल टेस्टिंग में पास हो जाते हैं तो कंपनी उन दोनों को ही मार्केट अलग अलग नाम से लांच कर देती है, दोस्तों मार्केट में लॉन्च होने के बाद बहुत से लोग उन मोबाइल को खरीदते हैं पर उनमें से बृजमोहन का जो 10 दिन में बनाया हुआ मोबाइल था उसमें कुछ टाइम बाद काफी मिस्टेक्स आने लगी और कंपनी को उस मोबाइल को लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा,

दोस्तों पर जतिन ने जो 2 महीने की कड़ी मेहनत के बाद मोबाइल तैयार किया था उस मोबाइल में कंपनी को अच्छा खासा मुनाफा देखने को मिला क्योंकि जतिन ने 2 महीने का टाइम लेकर उसकी हर बारीक से बारीक कमियों को दूर किया और उसको अच्छे से अच्छा बनाने की कोशिश जो की थी वह मार्केट में उसकी सफलता को दिखाने लगी थी,

इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है

दोस्तों आपने यहां देखा कि किस तरह से काफी रुकावटो का सामना करते हुए जतिन ने जो मोबाइल बनाया वह मार्केट में काफी अच्छा चला पर वही जो बृजमोहन ने मोबाइल बनाया था वह मार्केट में बिल्कुल भी नहीं चल पाया,

दोस्तों इसी तरह हमें भी अपनी जिंदगी में रुकावटो का सामना करना चाहिए और अपने काम में आने वाली रुकावटो से घबरा कर उस काम को छोड़ना बिल्कुल गलत है, जैसा कि आपने हमारी इस पोस्ट में पड़ा,

दोस्तों हमारी इस कहानी की तरह, जैसा कि हमने ओम प्रकाश के बारे में आपको बताया उसी तरह से काफी लोग ऐसे हैं जो कि अपने काम को पूरा करना ही नहीं चाहते और किसी काम को करने से पहले ही हार मान लेते हैं,

दोस्तों बृजमोहन जैसे भी कुछ लोग आपको ऐसे भी मिल जाएंगे जो कि अपने आप को सुपर से ऊपर मानते हैं और वह सोचते हैं कि मेरे जितना दिमाग किसी और में नहीं है और मैं जो काम कर दूं वह कोई और नहीं कर सकता है,

दोस्तों यही अगर हम जतिन की बात करें तो उस की तरह आपको ऐसे काफी लोग मिल जाएंगे जो कि अपने काम को लेकर लाइफ में काफी सीरियस रहते हैं और हमेशा कुछ ना कुछ पाने की चाह लेकर चलते हैं,

दोस्तों इस पोस्ट के माध्यम से मैं सिर्फ आपको यही समझाना चाहूंगा कि अपनी लाइफ में कभी भी एक जगह मत बैठो, अपनी जिंदगी में हमेशा आगे बढ़ने की कोशिश करते रहनी चाहिए, सफलता एक ना एक दिन आपको जरूर मिलेगी।

नॉट – दोस्तों आपको हमारी पोस्ट (Life is struggle in hindi) कैसी लगी हमें कमेंट में जरूर बताएं, इस पोस्ट से रिलेटेड आपके कोई भी सवाल हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं, साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ साझा जरूर करें, धन्यवाद।

आगे और पढ़े:

Previous articleBlogger vs wordpress in hindi | website kha banaye
Next articleHistory of android in hindi | एंड्राइड क्या है ?
I’m Jatin Kumar,Founder of Axial_work.com | Friends Axial_work website par aapke sath android mobile apps review, Computer setting, software review, youtube channel tips, crypto market updates aur website design se related sabhi ke baare me jankare de jaate hai.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here