Rasgulle ka avishkar kisne kiya hain

इतिहास के मुताबिक रसगुल्ले का जन्म भारत में स्थित कोलकाता शहर के अंदर वर्ष 1860 में एक हलवाई "नोबिन चंद्र दास" के द्वारा हुआ है।

शुरुआत में "नोबिन चंद्र दास" ने उबलती चासनी के अंदर छेना और सूजी के मिश्रण का एक उचित अनुपात मिलाकर रसगुल्ला बनाया था।

नोबिन चंद्र दास की वंशजों का मानना है कि रसगुल्ले का यह नुस्खा एक मूल आधार है।

रसगुल्ले को लेकर यह भी दावा किया गया है कि सर्वप्रथम रसगुल्ला सबसे पहले बंगाल के अंदर बनाया गया था।

और इस बात की पुष्टि बंगाल के एक अखबार "Banglar खबर" के अंदर की गई थी, कि वर्ष 1987 में "ब्रज मोइरा" नामक व्यक्ति ने सबसे पहली रसगुल्ला बनाया है।

इसी तरह तरह रसगुल्ले को लेकर बहुत से लोगों ने यह दावा किया है कि उन्होंने सबसे पहले रसगुल्ला बनाया है। पर रसगुल्ले को सबसे पहले बनाने को लेकर 2 राज्यों के अंदर काफी खींचातानी हुई थी।

जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार और ओडिशा सरकार ने इस बात पर काफी ज्यादा खिंचा तान की थी कि रसगुल्ला सबसे पहले उनके राज्य में बनाया गया था।

इस बात पर काफी लंबी कानूनी लड़ाई चलने के बाद आखिरकार कानून के द्वारा रसगुल्ला बनाने का एकाधिकार का ज्योग्राफिकल इंडिकेशन यानी जीआई टैग पश्चिम बंगाल को प्राप्त हो गया है।

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